Monday, August 31, 2020

शिव वंदना

मेरे हर खयाल में,
मुस्किलो के जंजाल में,
मैं तुझको याद करता हु,
मैं तुझको याद करता हु।

बारिश की उस बून्द में,
सर्दी की उस धुंध में,
मैं तुझको याद करता हु,
मैं तुझको याद करता हु।

मेरे दिल की हर आस में,
मेरे सासो की भी सास में,
मैं तुझको याद करता हु,
मैं तुझको याद करता हु।

दिन के उज्जले में,
रातों के काले में,
मैं तुझको याद करता हु,
मैं तुझको याद करता हु।

हवाओ में फिज़ाओ में,
उन अंधेरी गुफाओ में,
मैं तुझको याद करता हु,
मैं तुझको याद करता हु।

इस मन के मंदिर में,
इस दिल के अंदर में,
मैं तुझको याद करता हु,
मैं तुझको याद करता हु।

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