Monday, August 31, 2020

मेरी आँखों की चमक

मेरी आंखों की चमक तू है,
तू मेरी जान है।
जबभी देखता हूं तुझको,
लगे तू मेरी पहचान है।
जब तू कोई अच्छा काम करे,
तोह उसमे मेरी शान है।
तू मेरा गर्भ ही नही,
तू मेरा अभिमान हैं।

मेरी आंखों की चमक तू है,
तू मेरी जान है।

मेरी आँखों में बसे हो तुम,
इस दिल मे तेरा बेसरा हैं।
चंद जैसा रूप है तेरा,
सूरज सा किया सवेरा है।
तभी तोह तेरे आने से हुआ,
रोशन यह घर मेरा है।

अब मेरी सारी ख्वाइश तू,
तू ही मेरी जान है।

तेरी ओर कोई गम आये ,
तोह मैं उसके रुख को मोड़ दु।
तेरी हर खुशी के खातिर,
मैं सारी दुनिया छोड़ दु।

मेरे सारे सपने तू,
तू ही मेरी जान है।
जबभी तुझको देखू लगे,
जैसे तू मेरी पहचान है।

No comments:

Post a Comment