मेरा ये जो एक दिल है,
उसमें तुम ही रहते हो।
कोई पूछे या ना पूछे,
तुम मेरे हो ये कहते हो।
तेरी इस मासूम हँसी में,
मेरे बचपन को झलकती है।
तुजसे इतना प्यार है मुझको,
की दूर होने का गम रुलाती है।
तेरी नन्ही आंखों में,
प्यार का समंदर है।
तेरे प्यारे मन मे तो,
करुणा का अंबार है।
मेरा ये जो एक दिल है,
उसमें तुम ही रहते हो।
कोई पूछे या ना पूछे,
तुम मेरे हो ये कहते हो।
जबभी तुम अपने कदम बढ़ाओगे,
मेरा साथ हरपाल तुम पाओगे।
और फिर तुम अपनी मेहनत से,
हर काम सफल कर पाओगे।
यश लक्ष्मी को जीत कर,
तुम मेरा नाम बढ़ाओगे।
तुम अपने सत्कर्मो से,
तुम मेरा मान बढ़ाओगे।
तुम मेरे सपने को जीकर,
तुम उसको पूरा करते हो
मेरा ये जो एक दिल है,
उसमें तुम ही रहते हो।
कोई पूछे या ना पूछे,
तुम मेरे हो ये कहते हो।
No comments:
Post a Comment